नशा मुक्त युवा अभियान: गांवों में शुरू हुआ ‘ग्राम सेवा एवं परंपरागत खेल दिवस’, युवाओं ने संभाली कमान

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत ‘माय भारत’ (MY Bharat) और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में नशा मुक्ति और सामाजिक जागरूकता के लिए एक विशेष पहल की गई है। ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत 100 सप्ताह संकल्प अभियान’ के छठे सप्ताह के तहत देशभर के गांवों में ‘ग्राम सेवा एवं परंपरागत खेल दिवस’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नशे के खिलाफ संदेश को कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों से आगे निकालकर सीधे ग्रामीण परिवारों और युवाओं तक पहुंचाना है।

ग्रामीण युवाओं में खेलों और फिटनेस को बढ़ावा

इस अभियान के दूसरे माह का विषय ‘स्वस्थ युवा, नशामुक्त युवा (शक्ति एवं सेवा)’ रखा गया है। इसका उद्देश्य शारीरिक फिटनेस, सामाजिक जिम्मेदारी और सामूहिक भागीदारी के माध्यम से नशा मुक्त समाज का निर्माण करना है। एनएसएस निदेशालय और 15 क्षेत्रीय निदेशालयों की देखरेख में 160 से अधिक संस्थानों और उनके द्वारा गोद लिए गए गांवों में यह कार्यक्रम चलाया गया।

गांवों में स्वस्थ मनोरंजन और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पारंपरिक खेलों की स्थानीय प्रतियोगिताएं कराई गईं। इनमें मुख्य रूप से शामिल खेल थे:

  • कबड्डी
  • खो-खो
  • रस्साकशी
  • कुश्ती

इन पारंपरिक खेल आयोजनों में 21,500 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया, जिससे टीम वर्क और आपसी भाईचारे की भावना को मजबूती मिली।

ग्राम सेवा: स्वच्छता और पौधरोपण का महाअभियान

एनएसएस के आदर्श वाक्य ‘मैं नहीं, तुम’ को चरितार्थ करते हुए स्वयंसेवकों ने ग्राम पंचायतों के साथ मिलकर सामुदायिक सेवा के कार्य किए। इस दौरान गांव स्तर पर कई महत्वपूर्ण सुधार कार्य संपन्न किए गए:

  • गांवों की मुख्य गलियों और रास्तों की सफाई की गई।
  • सार्वजनिक कुओं और हैंडपंपों के आसपास जलभराव व गंदगी हटाई गई।
  • पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया गया।

इन सेवा कार्यों में 19,800 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया और गांव के विकास में अपना श्रमदान दिया।

महिलाओं की मजबूत भागीदारी और सोशल मीडिया अभियान

इस पूरे कार्यक्रम में ग्रामीण बुजुर्गों, पंचायत प्रतिनिधियों और युवाओं सहित कुल 80,000 से अधिक लोग शामिल हुए। इस अभियान की खास बात यह रही कि खेलकूद और समाज सेवा की गतिविधियों में 29,500 से अधिक युवतियों व महिलाओं ने हिस्सा लेकर लैंगिक समानता का संदेश दिया।

इसके अलावा, स्वस्थ जीवनशैली और नशे के दुष्प्रभावों पर आयोजित परिचर्चाओं व जागरूकता सत्रों में 18,600 से अधिक नागरिकों ने भाग लिया। इस संदेश को डिजिटल स्तर पर फैलाने के लिए युवाओं ने #NashaMuktYuva हैशटैग के साथ 4,000 से अधिक सोशल मीडिया पोस्ट साझा किए।

अभियान से जुड़े मुख्य आंकड़े

  • कुल प्रतिभागी: 80,000 से अधिक ग्रामीण, युवा और बुजुर्ग।
  • संस्थान और गांव: 160 से अधिक शिक्षण संस्थान व उनसे जुड़े गोद लिए गए गांव।
  • पारंपरिक खेल प्रतिभागी: 21,500 से ज्यादा खिलाड़ी।
  • ग्राम सेवा और स्वच्छता: 19,800 से अधिक स्वयंसेवक।
  • महिला भागीदारी: 29,500 से अधिक युवतियां व महिलाएं।
  • जागरूकता संवाद: 18,600 से अधिक लोग शामिल हुए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. ‘ग्राम सेवा एवं परंपरागत खेल दिवस’ का आयोजन किस मंत्रालय द्वारा किया गया?

यह आयोजन भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत ‘माय भारत’ और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) द्वारा किया गया है।

2. यह कार्यक्रम किस बड़े अभियान का हिस्सा है?

यह आयोजन ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत 100 सप्ताह संकल्प अभियान’ के छठे सप्ताह के तहत आयोजित किया गया है।

3. पारंपरिक खेल दिवस में कौन-कौन से खेल आयोजित किए गए?

गांवों में युवाओं को सक्रिय रखने के लिए कबड्डी, खो-खो, रस्साकशी और कुश्ती जैसे स्थानीय व पारंपरिक खेलों के टूर्नामेंट आयोजित किए गए।

आधिकारिक स्रोत: मेरा भारत-एनएसएस नशा मुक्त युवा अभियान के छठे सप्ताह में देशभर के गांवों में ‘ग्राम सेवा एवं परंपरागत खेल दिवस’ मना रहा है